Ocean Darkening: महासागरों का काला पड़ना एक जलवायु संकट क्यों है?

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पिछले 20 वर्षों में 20% से ज़्यादा समुद्र अंधेरे (Ocean Darkening) हो चुके हैं, जिससे समुद्री जीवन और पृथ्वी का संतुलन खतरे में है। जानिए Ocean Darkening क्या है।


Ocean change – ocean darkening
2003 से 21% समुद्र की रोशनी कम हो चुकी है

पानी के नीचे कुछ ऐसा हो रहा है जो दिखता नहीं, लेकिन बहुत खतरनाक है—समंदर अंधेरे हो रहे हैं। 2003 से 2022 के बीच की Satellite Dataने बताया कि 21% global ocean अब पहले से कम रोशनी पाते हैं। इसका मतलब है कि Photic Zone—जो कि समुद्र की ऊपर की 200 मीटर गहराई होती है और जहां सूरज की रोशनी ज़िंदगी को ताकत देती है—अब सिकुड़ गई है। कुछ इलाकों में ये जोन 50 मीटर से ज़्यादा कम हो गया, खासकर Arctic और North Sea में। ये सिर्फ पानी का गंदा होना नहीं है, ये पूरी समुद्री चेन को हिला रहा है।


Photic zones
सूरज की रोशनी से चलता है पूरा समुद्री जीवन

Photic Zone वो जगह है जहां समुद्री जीवन की शुरुआत होती है। ये साफ पानी में 200 मीटर तक गहरा होता है। यहीं Photosynthesis होती है जिससे Phytoplankton, algae, seagrass जैसे पौधे ऑक्सीजन बनाते हैं और खाना भी। Smithsonian Magazine के मुताबिक, इस जोन में 80% समुद्री जीव रहते हैं। लेकिन जब रोशनी कम होती है, तो plankton कम बनते हैं, और उस पर निर्भर मछलियाँ और बड़े जीव भी कमज़ोर पड़ते हैं। अंधेरा पानी, कम पौधे, कम जानवर। ये सिर्फ समुद्र नहीं, पूरी जीवन चक्र पर असर डालता है।


Study tools
Satellites और मॉडलों से निकली डरावनी तस्वीर

ये कोई अनुमान नहीं है—ये सब कुछ डेटा से साबित हुआ है। वैज्ञानिकों ने Diffuse Attenuation Coefficient (Kd 490) नाम की एक तकनीक से ये मापा कि पानी के अंदर रोशनी कितनी गहराई तक जाती है। उन्होंने 20 सालों की Satellite readings को Advanced Modeling से मिलाया और पाया कि 9% समुद्र में Photic Zone की गहराई 50 मीटर से ज़्यादा कम हो चुकी है। कुछ इलाकों जैसे English Channel में रोशनी बढ़ी भी, लेकिन Arctic और North Sea में बहुत गिरावट आई। इसमें बारिश, मिट्टी का बहाव, और plankton की हरकतें भी शामिल हैं।


🔎 Quick Fact Box:

  • Darkened ocean (2003–2022): 21%
  • Loss in light depth over 50m: 9%
  • Photic zone max depth: ~200m

Cause mix
खेती, गर्मी और plankton बदल रहे हैं पानी का रंग

Ocean Darkening के पीछे कई वजहें हैं। तटीय क्षेत्रों में खेतों से बहती मिट्टी और प्रदूषण पानी को गंदा बनाते हैं, जिससे सूरज की रोशनी ब्लॉक होती है। इससे Algal Blooms होते हैं जो तेज़ी से फैलते हैं, फिर खत्म होकर पानी से ऑक्सीजन खींच लेते हैं। खुले समुद्र में Sea Temperature बढ़ने से plankton का व्यवहार बदल जाता है। National Geographic बताता है कि ये छोटे बदलाव भी रोशनी को बहुत कम कर सकते हैं। जैसे कमरे में धुआं भर जाए, वैसा ही कुछ समुद्र में हो रहा है। और ये अंधेरा, नीचे की पूरी ज़िंदगी को चुनौती दे रहा है।


Food web
अंधेरे ने बिगाड़ दिए खाने के और जीने के टाइम

समुद्री जीव सूरज की रोशनी से अपने feeding और migration के टाइम तय करते हैं। लेकिन जब Photic Zone सिकुड़ता है, तो सारी मछलियाँ और plankton शैलो पानी में आ जाते हैं। इससे ज़्यादा भीड़, ज़्यादा competition और कम खाना होता है। ScienceAlert के मुताबिक, मछलियों की feeding और mating का टाइम गड़बड़ा रहा है। सोचिए अगर आपके स्कूल की घंटी रात 12 बजे बज जाए—confusing, ना? समुद्र में भी यही हो रहा है। और जब natural rhythm टूटती है, तो मछलियाँ घटती हैं, fisheries टूटती हैं, और इंसानों की थाली भी प्रभावित होती है।


Key species
Copepods की हरकतें बता रहीं हैं खतरे की घंटी

इस Study ने Calanus Copepods को focus किया—ये छोटे से zooplankton होते हैं जो North Atlantic में मिलते हैं। ये दिखने में छोटे हैं, लेकिन पूरी food chain के लिए बेहद ज़रूरी हैं। ये रोशनी के हिसाब से ऊपर-नीचे तैरते हैं। Study में देखा गया कि ये अब अलग तरह से बिहेवकर रहे हैं, खासकर अंधेरे पानी में। इसका मतलब है कि इनके ऊपर ज़िंदा रहने वाले सारे जीव—from herring to whales—risk में हैं। ये copepods वैसे ही हैं जैसे कोयले की खदानों में canary चिड़िया—इनकी हरकत बताती है कि नीचे कुछ गड़बड़ है।


Biodiversity loss
जगह कम, प्रजातियाँ कम, संकट ज़्यादा

समंदर में रोशनी घटने का मतलब है कम photosynthesis और कम जगह। जो species light पर निर्भर करती हैं, वो अब छोटी जगह में सिमट गई हैं। इससे ज़्यादा competition, ज़्यादा death rate और कम breeding हो रही है। The New York Times के अनुसार, जब marine habitat सिकुड़ता है, तो entire ecosystem collapse कर सकता है। और जब foundational species जैसे algae या छोटी मछलियाँ खत्म होती हैं, तो पूरा ocean balance बिगड़ता है। ये सिर्फ मछलियों की कहानी नहीं है—ये इंसानों और climate दोनों के लिए खतरे की घंटी है।


Climate link
गहरे होते समंदर से बिगड़ रही है धरती की सेहत

समंदर हमारी Earth के लिए एक climate sponge जैसा है। NASA के अनुसार, ये 90% से ज़्यादा heat सोखते हैं और आधी से ज़्यादा ऑक्सीजन बनाते हैं। लेकिन अंधेरे समुद्र सूरज की रोशनी को वैसे absorb या reflect नहीं करते जैसे पहले करते थे। इससे समुद्र का तापमान और हवा के पैटर्न बदलते हैं। इसका असर California से लेकर Florida तक महसूस होता है। जब marine life कम होती है, तो carbon absorb करने की क्षमता भी घटती है। Ocean Darkening मतलब सिर्फ पानी का रंग नहीं बदल रहा—धरती का balance भी डगमगा रहा है।


Take action
समंदर अंधेरा हो रहा है—अब भी वक्त है संभलने का

अब doubt की कोई जगह नहीं है—Ocean Darkening हो रहा है और तेज़ी से हो रहा है। लेकिन अभी भी हमारे पास मौका है। बेहतर land use, कम runoff, और greenhouse emissions में कटौती से इसे slow किया जा सकता है। Ocean health expert Dr. Anna Hickman कहती हैं, “जब पानी अंधेरा होता है, तो जीवन खामोश हो जाता है। लेकिन अगर हम अभी कदम उठाएं, तो इसे बदला जा सकता है।” ये समंदर सिर्फ हमारा नहीं—हमारा सहारा है, हमारी सांस है। तो चलिए इसे वो care दें जिसकी ये हकदार है। क्योंकि एक healthy ocean, एक healthy future की चाबी है।

यह भी पढ़े Ocean Protection: भारी वित्तीय अंतर से 2030 तक महासागर संरक्षण लक्ष्य को खतरा

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